अमेरिकी आयोग ने भारत की जासूस एजेंसी RAW (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की भी सिफारिश की है.
मंगलवार यानी 26 मार्च को अमेरिकी आयोग (USCIRF) ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर ज्ञान देते हुए भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर चिंता जताई है. आयोग ने कहा कि भारत में अल्पसंख्यक समुदायों, खासकर मुस्लिम और ईसाई समुदायों के साथ भेदभाव और बुरा व्यवहार हो रहा है.
इतना ही नहीं अमेरिकी आयोग ने भारत की जासूस एजेंसी RAW (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की भी सिफारिश की है. आयोग ने कहा कि RAW पर आरोप है कि वह सिख अलगाववादियों की हत्या में शामिल है, हालांकि यह आरोप बेबुनियाद बताए गए हैं.
अमेरिका ने यह टिप्पणी भारत की आंतरिक राजनीति और सुरक्षा संबंधी मामलों में दखल देने की कोशिश की है, जो भारतीय सरकार के लिए विवादास्पद हो सकता है. अमेरिका के इस कदम पर सवाल उठाए जा रहे हैं, क्योंकि खुद अमेरिका का इतिहास भी प्रवासियों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के उल्लंघन से भरा पड़ा है. अमेरिका ने दुनियाभर में अपने सख्त प्रवास नीति के तहत प्रवासियों को क्रूर तरीके से निपटने के लिए जाने जाते हुए कई बार आलोचनाओं का सामना किया है.
इसलिए, भारत को धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर सलाह देने वाले अमेरिका के अपने रिकॉर्ड पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
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