Parliamentary Committee Asked For Making A New Law For Cbi Investigation Without The Consent Of States 8027781#publisher=newsstand

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समिति ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और अखंडता को प्रभावित करने वाले मामलों के लिए राज्यों की सहमति के बिना सीबीआई को व्यापक जांच शक्तियां प्रदान करने वाला एक अलग या नया कानून राज्य सरकारों की राय लेकर बनाया जा सकता है.

नई दिल्ली:

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में प्रतिनियुक्ति के लिए उम्मीदवारों की कमी का जिक्र करते हुए संसद की एक समिति ने बृहस्पतिवार को विशेषज्ञों के लिए ‘लेटरल एंट्री' की सिफारिश की और साथ ही सुझाव दिया कि एजेंसी को राज्यों की सहमति के बिना राष्ट्रीय सुरक्षा और अखंडता को प्रभावित करने वाले मामलों की जांच करने की अनुमति देने के लिए एक नया कानून बनाया जाए. समिति ने पुलिस उपाधीक्षकों, निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों जैसे पदों के लिए कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) या एक समर्पित सीबीआई परीक्षा के माध्यम से सीधी भर्ती की अनुमति देकर एक स्वतंत्र भर्ती ढांचा विकसित करने की भी सिफारिश की है.

समिति ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और अखंडता को प्रभावित करने वाले मामलों के लिए राज्यों की सहमति के बिना सीबीआई को व्यापक जांच शक्तियां प्रदान करने वाला एक अलग या नया कानून राज्य सरकारों की राय लेकर बनाया जा सकता है. कार्मिक, लोक शिकायत, कानून और न्याय पर विभाग से संबंधित संसद की स्थायी समिति ने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) से संबंधित अनुदान मांगों (2025-26) पर बृहस्पतिवार को संसद में पेश अपनी 145वीं रिपोर्ट में ये सिफारिशें कीं.

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