कई बार सार्वजनिक बैठकों में पुतिन को कुर्सी पकड़कर बैठे देखा गया है. उनके हाथ-पैरों में अनियंत्रित हरकतें और शरीर में कंपन भी नजर आया है.
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को तीन साल से ज्यादा हो चुके हैं और अब इस संघर्ष के बीच एक चौंकाने वाला बयान आया है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन 'बहुत जल्द मरने वाले हैं'. यह बात उन्होंने पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात के बाद एक इंटरव्यू के दौरान कही. जेलेंस्की ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'पुतिन जल्द मरेंगे और यह एक तथ्य है. इसके साथ सब कुछ खत्म हो जाएगा.'
क्या पुतिन वाकई बीमार हैं?
पिछले कुछ सालों में व्लादिमिर पुतिन की सेहत को लेकर कई अटकलें लगा चुकी हैं. द सन ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि पिछले कई समय से पुतिन का चेहरा अकसर फूला हुआ दिखाई देता है. इसके अलावा कई बार सार्वजनिक बैठकों में उन्हें कुर्सी को पकड़कर बैठे देखा गया है. उनके हाथ-पैरों में अनियंत्रित हरकतें और शरीर में कंपन भी नजर आया है. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उन्हें कैंसर और पार्किंसन जैसी गंभीर बीमारियां हैं. साल 2022 में एक मीटिंग के दौरान उनका झुका कर बैठना, टेबल को पकड़ना और लड़खड़ाती आवाज इस बात की ओर इशारा करती है कि उनकी सेहत वाकई ठीक नहीं है.
राजनीतिक संकेत या मनोवैज्ञानिक वार?
जेलेंस्की का यह बयान केवल एक स्वास्थ्य संबंधी टिप्पणी नहीं है, बल्कि इसे एक राजनीतिक मनोवैज्ञानिक हमला भी माना जा रहा है. पुतिन पर दबाव बनाने और रूसी सत्ता के अंदरूनी ढांचे को हिलाने के लिए यह बयान एक रणनीतिक चाल हो सकता है.
रूस पर बढ़ता अंतरराष्ट्रीय दबाव
फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने भी यूक्रेन के साथ मिलकर रूस के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि रूस को बिना किसी शर्त के 30 दिनों के युद्धविराम को स्वीकार करना चाहिए. साथ ही मैक्रों ने यूक्रेन के लिए 2.2 बिलियन डॉलर (करीब 2 अरब यूरो) की नई सैन्य मदद का ऐलान किया है.
क्या वाकई पुतिन का अंत नज़दीक है?
हालांकि पुतिन की बीमारी या मौत को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जेलेंस्की का बयान एक संकेत है कि यूक्रेन अब रूस को कमजोर मान रहा है. चाहे वो सैन्य रूप से हो या नेतृत्व के स्तर पर. वोलोदिमिर जेलेंस्की का पुतिन को लेकर दिया गया बयान भले ही हैरान करने वाला हो, लेकिन यह रूस पर मानसिक और राजनीतिक दबाव बढ़ाने की यूक्रेन की एक स्पष्ट रणनीति है. अब देखना होगा कि इस बयान का अगला असर क्या होता है और क्या रूस की ओर से कोई जवाबी बयान आता है.
0 Comments