कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि भारत को अपना हित सर्वोपरि रखना चाहिए, लेकिन कई देश इस बात पर एकमत हैं कि अमेरिका द्वारा लगाया गया एकतरफा शुल्क अस्वीकार्य है.
नई दिल्ली:कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सरकार से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ युद्ध की धमकी पर भारत की प्रतिक्रिया स्पष्ट करने को कहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले पर संसद में कोई चर्चा या विपक्षी दलों के साथ परामर्श नहीं किया गया है. उन्होंने ट्रंप के खिलाफ़ जवाबी कार्रवाई करने में समान हितों वाले अन्य देशों के साथ साझा आधार तलाशने का आह्वान किया. एनडीटीवी से बात करते हुए चिदंबरम ने कहा कि यदि भारत सरकार की यह धारणा है कि अमेरिका एक कदम आगे और दो कदम पीछे जा रहा है, तो उसके पास इसका प्रतिकार करने के लिए एक नीति होनी चाहिए.
यूपीए सरकार के तहत केंद्रीय वित्त मंत्री रहे चिदंबरम ने एनडीटीवी से कहा, "लेकिन आपके पास वैकल्पिक परिदृश्य होना चाहिए. क्या होगा अगर वे (अमेरिका) एक कदम आगे बढ़ते हैं? हमारी प्रतिक्रिया क्या होगी? क्या होगा अगर वे दो कदम पीछे हटते हैं? हमारी प्रतिक्रिया क्या होगी? और उस प्रतिक्रिया को पूरी दुनिया के सामने सार्वजनिक करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन कम से कम संसद में एक बयान तो होना ही चाहिए, या विपक्षी दलों के साथ परामर्श तो होना ही चाहिए. हम पूरी तरह से अंधेरे में हैं."
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